Monday, 23 September 2019

हर्पीज - परिचय , लक्षण ,रोकथाम व उपचार


हर्पीज एक खतरनाक, अत्यंत पीड़ा देने वाला संचारी रोग है। यह मूलतः वाइरस/विषाणु जनित रोग है। यह एक प्रकार की चेचक होती है। इस रोग के वाइरस को हर्पीज जोस्टर कहते हैं।  यह तंत्रिकाओं को सीधे प्रभावित करता है, इसी कारण इसका असर शरीर के किसी एक हिस्से , दाहिने या बाएँ तरफ होता है। तंत्रिकाओं पर प्रकोप के कारण यह अत्यंत पीड़ा कारी होता है।

लक्षण - शरीर के किसी एक ओर (दाहिने या बाएँ ) हिस्से में इसका प्रकोप होता है। प्रारम्भ में कुछ दानें गुच्छे के रूप मे एक जगह होते हैं,  दूसरे दानों की अपेक्षा इसमें अत्यधिक पीड़ा, शूल और जलन होती है, जहां त्वचा पर इसका प्रकोप होता है उस हिस्से में जलन इतनी ज्यादा होती है कि उस स्थान पर से ऊष्मा(गर्मी) निकलती हुई प्रतीत होती है, दर्द भी गंभीर होता है और फिर यह फैलने लगता है, उस अंग में अकड़न, सूजन और लाली भी दिखने लगती है, शूल इतना गंभीर होता है कि रोगी को कपड़े पहने में भी तकलीफ होती है , दर्द रात भर सोने नहीं देता है। यदि प्रकोप पीठ और सीने पर है तो उस साइड से लेटना भी संभव नहीं होता है। आगे पीछे दोनों ओर से बढ़ता है। बहुधा यह पीठ- सीने में या फिर चेहरे पर कान से सिर कि ओर भी होता है।  प्रारम्भ में अंधोरियों जैसे दाने होते हैं, फिर दाने बढ़ते हुये छाले का रूप ले लेते है , त्वचा एकदम लाल सुर्ख होती जाती है, यदि रोगी का इम्यून (रोग प्रतिरोधक क्षमता) सही होती है, तो यह 15 दिन तक कम से कम इसका प्रकोप रहता है। सही समय और सही चिकित्सा न होने पर, कुछ रोगियों को यह दो तीन महीने या फिर कई कई साल तक भी इसका प्रभाव देखा गया है। कुछ रोगियों की इसके प्रकोप से मृत्यु भी हुई है।अतः इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए और बहुत संजीदा होकर इलाज करना चाहिए।
रोकथाम - हर्पीज़ रोग पहचानते ही यदि तुरंत ही चिकत्सा प्रारम्भ हो जाए तो पीड़ा को कम किया जा सकता है। विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों मे इसका इलाज किया जाता है, लेकिन स्थायी इलाज के बारे में मान्यता है की होम्योपैथी में ही है। त्वरितपीड़ा से लाभ के लिए एलोपैथी इलाज कर सकते है। यदि किस कारण से डॉक्टर से इलाज नहीं प्रारम्भ हो रहा हो तो निम्न कार्य करें -
1. दानों पर लगाने के लिए आसपास के किसी मेडिकल स्टोर से acyclovir salt युक्त क्रीम लेकर लगाएँ ।
2. रोगी के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।
3. बिना तेल मसाले का खाना दें, गर्म तासीर का भोजन न दें , ठंडी चीजों का सेवन ज्यादा कराएं।
4. कपूर को आधा कप पानी में भिगो लें और नीम की पत्तियों से बार बार प्रभावित स्थान पर छिड़काव करें
5. यदि त्वचा ज्यादा गर्म हो रही हो तो ठंडे पानी से एक दो बार स्नान करा दें। (गर्मियों के मौसम में)
6. रोगी को खुले वातावरण में और ठंडे वातावरण में रखें और तीमारदार को भी  सफाई का विशेष ध्यान रखना होता है। इन्फ़ैकशन से बचते हुये रोगी की सेवा करें , रोगी के बिस्तर पर नीम की पत्तियाँ किसी एक साइड रख दें , रोगी के कमरे में कपूर को सुलगाये, फिनयल से पोछा जरूर लगवाएँ ।
7. विटामिन -c युक्त आहार अधिक से अधिक दें ,मौसमी फल , मेवा ,दही और मोसम्मी का रस का सेवन करने से शीघ्र लाभ होता है।
   उपयुक्त प्रकार से आप इस रोग के प्रकोप को संतुलित कर सकते हैं, फिर भी यह कम से कम 15 दिन तक रोगी को बिलकुल भी चैन नहीं लेने देता है।  रोग का प्रभाव कम होने पर काफी दुर्बलता होती है।  अतः खानपान का विशेष ध्यान रखे और इलाज को ठीक होने के बाद भी लगातार करें , स्थायी लाभ के लिए होम्योपैथी का इलाज करें । मैं इस लेख को तब लिख रहा हूँ जब मैं खुद इस रोग से पीड़ित हूँ , आज लगभग 15 दिन और  80% लाभ के बाद ही यह लेख लिखने का कारण यह है कि यदि कोई भी इस रोग के चपेट में आए तो कम से कम पीड़ा में वह ठीक हो सके। इस लेख के बारे में अपनी राय comment बॉक्स में जरूर लिखें।
महेंद्र श्रीवास्तव
09335928449
09918800522











Friday, 26 July 2019

लक्ष्य निर्धारण


8.                    DREAMS/TARGET  ALLOCATION ( लक्ष्य निर्धारण ) 
      लक्ष्य निर्धारण हम कई बार करते हैं, और उनका जम कर प्रचार भी करते हैं, किन्तु जैसे ही कुछ समय बीतता है , हम पुनः एक नया लक्ष्य और नया कार्यक्रम टीम के समक्ष रख देते हैं , इस कृत्य से, हमारा लीडरशिप और टीम के समक्ष प्रभुत्व क्षीण होने लगता है, अतः लक्ष्य निर्धारण बेहद संतुलन  और समझदारी के साथ करें। लक्ष्य का निर्धारण करने से पूर्व निम्न बिंदुवों पर एक अभ्यास कर लें –
·        लक्ष्य वास्तविक है या नहीं
·        लक्ष्य का उद्धेश्य क्या है 
·        लक्ष्य पर आपको खुद विश्वास है या नहीं 
·        लक्ष्य के समरूप खुद में और टीम में क्षमता है या नहीं
·        लक्ष्य को प्राप्त करने में लगने वाला समय का मूल्य लक्ष्य के समानुपात में है या नहीं
·        लक्ष्य को प्राप्त करने की क्या प्रभावी योजना हो सकती है
·        प्रथम योजना के साथ बैक अप योजना क्या है
·        योजना हेतु संसाधन क्या क्या आवश्यक हैं और वह उपलब्ध है या नहीं उपरोक्त बिंदुवों को एक बार विचार में रख कर योजना बनाएँ और तदोपरांत लक्ष्य के लिए प्रयास प्रारम्भ करना चाहिए।
·        लक्ष्य के लिए समर्पण की भावना होनी चाहिए और आपके समर्पण के साथ टीम का समर्पण भी आवश्यक है।
·        लक्ष्य व्यग्तिगत लाभ हेतु नहीं निर्धारित होना चाहिए।
   उपरोक्त अभ्यास के उपरांत ही लक्ष्य बेहतर ढंग लिया जा सकता है। यदि आप अपनी टीम अर्थात कैश बॉक्स से एक बड़ा लक्ष्य पाना चाहते हैं तो , आपको अलग-अलग स्तर पर टीम बाँट कर सबमें छोटा छोटा लक्ष्य वितरित कर दीजिए , आप देखेंगे कि सामूहिक स्तर पर वही व्यापार कई गुना बड़ा होगा।







Wednesday, 23 January 2019

नशेड़ी


नशेड़ियों का कोई धर्म, जाति, वैचारिक प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएं नहीं होती हैं। यह कभी भी एक लक्ष्य लेकर कोई मिशन फतेह नहीं कर सकते। इनका प्रतिदिन का लक्ष्य एक ही होता है कि कैसे आज शाम का जुगाड किया जाए और अपने शुभचिंतकों के सामने अपने को सामान्य प्रदर्शित किया जाए। नशा प्रारंभ में एक स्टेटस सिंबल के प्रतीकस्वरूप होता है, किन्तु समय के साथ यह एक भीषण और ला-इलाज गंभीर बीमारी का रूप ले लेता है। नशेड़ी अपने को योग्य प्रदर्शित करने के लिए सदैव तत्पर और शब्दों के जाल बुनने की कला में निपुण होते हैं। प्रतिदिन अपने को सुधारने का संकल्प लेने के बावजूद यह सुधार नहीं कर पाते हैं। नशे की लत के कारण कई योग्य और गुणवान वह सबकुछ जिसके वह सही पात्र थे उससे वंचित रह जाते हैं। मेरा आग्रह है कि अपनी योग्यता जोकि परम् पिता परमेश्वर ने आपको इस धरती पर सुगंध फैलाने हेतु प्रदान की है, उसे नशे की लत में बेजा ही धुवां ना होने दे

Mahendra Srivastastava
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Sunday, 2 December 2018




I woke up today, having dreamt early morning at 4 AM. I was in the biggest mall of Hyderabad looking to buy a pair of socks and a neck tie .
As I walked in, I noticed a sweater with a price tag of Rs 9000 .Next to the sweater were a pair of Jeans for Rs.10000 .The socks were Rs. 8000! and Tie for astonishing 16,000/-
I went looking for a salesperson and found one in the watch Dept.
He was showing a man a Rs. 225/- Rolex watch . I looked in the glass case and there was a 4 carat diamond ring also on sales for Rs.95/-
Shocked I asked the salesperson. How could a Rolex watch sell for Rs.225 and a cheap pair of socks sell for Rs. 8000?
He said, Someone slid into the store last night and changed the price tag on everything.
Everyone is confused , people are acting like they have lost their sense of value. They are willing to pay lots of money for things of little value and very little money for things of great value.
Its like they don't know what is really valuable and what's not. I hope we get the price tags back-on right soon.
I really pity, seeing people paying way too much for things of little value.
I woke up startled & confused and thinking since then ...
*Maybe our life is like this dream*
*Maybe someone slid into our lives and changed the price on everything*
*Maybe they marked up the value of competition, position, titles, fame , promotion, show-off , money and power* !
...And put a huge discount on the value of *Honesty, Respect, Ethics, Righteousness, Happiness , Family , Relationships, Peace of mind , Contentment , Love , Knowledge , Kindness , Friendships*...
Maybe We are all living this dream...
*I hope...... we wake up, well in-time*

Thursday, 1 November 2018

“Pyramid Scheme” means:
  A multi layered network of subscribers to a scheme formed by subscribers enrolling one or more subscribers in order to receive any benefit, directly or indirectly, as a result of enrollment, action or performance of additional subscribers to the scheme. The subscribers enrolling further subscriber(s) occupy higher position and the enrolled subscriber(s) lower position, thus, with successive enrollments, they form multi-layered network of subscribers.
    Provided that the above definition of a “Pyramid Scheme” shall not apply to a multi layered network of subscribers to a scheme formed by a Direct Selling Entity, which consists of subscribers enrolling one or more subscribers in order to receive any benefit, directly or indirectly, where the benefit is as a result of sale of goods or services by subscribers and the scheme/financial arrangement complies with all of the following: a) It has no provision that a Direct Seller will receive remuneration or incentives for the recruitment / enrollment of new participants. b) It does not require a participant to purchase goods or services: i. for an amount that exceeds an amount for which such goods or services can be expected to be sold or resold to consumers; ii. for a quantity of goods or services that exceeds an amount that can be expected to be consumed by, or sold or resold to consumers; c) It does not require a participant to pay any entry/registration fee, cost of sales demonstration equipment and materials or other fees relating to participation; d) It provides a participant with a written contract describing the “material terms” of participation; e) It allows or provides for a participant a reasonable cooling-off period to participate or cancel participation in the scheme and receive a refund of any consideration given to participate in the operations; f) It allows or provides for a buy-back or repurchase policy for “currently marketable” goods or services sold to the participant at the request of the participant at reasonable terms; g) It establishes a grievance redressal mechanism for consumers, more particularly described in Clause 7 herein. Explanation 1 – For the purposes of this proviso the term “material terms” shall means buy-back or repurchase policy, cooling-off period, warranty and refund policy

Wednesday, 19 September 2018

MY INTERVIEW ON MY SAKSHATKAR - TOPIC - EDUCATION

                          
 https://www.youtube.com/watch?v=6VlBmMzWktk&t=909sयह साक्षात्कार आम जन मानस के लाभ हेतु यूट्यूब पर उपलब्ध है ,
कृपया ध्यान से देखें और लाभ उठाएँ । विडियो हेतु लिंक पर क्लिक करें ।
 

Monday, 4 June 2018

PRECIOUS SPEAKING



Introduction -
यह एक ट्रेनिंग मॉड्यूल है ,जिसको काफी शोध,अनुभव और संकल्प के साथ तैयार किया गया है। रियल एस्टेट और डायरेक्ट मार्केटिंग के लिए अत्यन्त उपयोगी और आवश्यक मॉड्यूल है।
उद्देश्य- बहुधा यह देखा गया है कि हमारी फील्ड फोर्स मेहनत से कार्य करती है , किन्तु किस जगह क्या बोलना है यह नहीं पता होता है । PRECIOUS SPEAKING में सदस्यों को प्रैक्टिकल सही बोलने का अभ्यास कराया जाता है, और साथ ही साथ तकनीकी रूप से सक्षम भी किया जाता है। यह मोड्यूल 4 से 6 घंटो में बारीक से बारीक़ बिंदुओ को लेकर उनपर छोटे छोटे अभ्यास सत्रों के साथ किया जाता है।
OUTPUT - जिन भी संस्थाओ में यह मॉड्यूल किया गया है वहाँ की sale पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है।
  अपनी संस्था के लिए यह मॉड्यूल बुक करने के लिए शीघ्र संपर्क करें-            महेंद्र श्रीवास्तव   
बिज़नेस मेंटर & परफॉर्मेंस कोच
09335928449
09918800522
mpsri23@gmail.com