एक स्वस्थ शरीर के लिए
सम्पूर्ण आहार अत्यंत आवश्यक होता है। किन्तु आधुनिक जीवन शैली का खानपान की आदतें
और विकास की दौड़ मे अंधाधुंध प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का परिणाम है कि अधिकतर
लोग कुपोषण का शिकार हैं या हो रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप आम जनमानस की
स्वास्थ्य संबन्धित समस्याएँ निरंतर वृहद आकार ले रही हैं। आज विश्वस्तर पर भोजन
के अतिरिक्त स्वस्थ शरीर के लिए पूरक आहार (FOOD SUPPLIMENT) का प्रयोग और निर्भरता अत्यंत आवश्यक है। पूरक आहार के रूप
में आज अमेरिका, चीन,जापान
और यूरोपीय देशों सहित लगभग पूरे विश्व
में मोरिंगा अर्थात सहजन अत्यधिक उपयोग किया जा रहा
है। भारतीय आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही सहजन का विशिष्ट और उल्लेखनीय स्थान
है। सहजन का सम्पूर्ण पंचांग (जड़,तना,पत्ती,फूल व फल) औषधीय गुणों से युक्त होता है। सहजन में प्रतिग्राम पालक से 25 गुना
अधिक आयरन, दूध
से 17 गुना अधिक कैल्सियम, केले से 15 गुना अधिक पोटेशियम और दही से 9 गुना अधिक प्रोटीन पाया जाता है।
अतः प्रतिदिन मोरिंगा का उपयोग करें और स्वस्थ रहें मस्त रहें ।
यदि आपको लेख उपयोगी लगे तो कमेंट बॉक्स मे प्रतिक्रिया अवश्य दें । मैं इंतज़ार करूंगा ।
महेंद्र श्रीवास्तव
मेल- mpsri23@gmail॰com
फोन - 9335928449
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